वियोगी होगा पहला कवि, आह से उपजा होगा गान। निकलकर आँखों से चुपचाप, बही होगी कविता अनजान..।' वियोगी होगा पहला कवि, आह से उपजा होगा गान। निकलकर आँखों से चुपचाप, बही होगी कविता अनजान..।'

वियोगी होगा पहला कवि, आह से उपजा होगा गान। निकलकर आँखों से चुपचाप, बही होगी कविता अनजान..।' Sumitra Nandan Pant

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होठों पर गंगा हो, हाथों में तिरंगा हो होठों पर गंगा हो, हाथों में तिरंगा हो

दौलत ना अता करना मौला, शोहरत ना अता करना मौला बस इतना अता करना चाहे जन्नत ना अता करना मौला शम्मा-ए-वतन की लौ पर जब कुर्बान पतंगा हो होठों प...

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कुछ छोटे सपनो के बदले कुछ छोटे सपनो के बदले

कुछ छोटे सपनो के बदले, बड़ी नींद का सौदा करने, निकल पडे हैं पांव अभागे,जाने कौन डगर ठहरेंगे !  वही प्यास के अनगढ़ मोती, वही धूप की सुर्ख...

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उनकी ख़ैरो-ख़बर नहीं मिलती उनकी ख़ैरो-ख़बर नहीं मिलती

उनकी ख़ैरो-ख़बर नहीं मिलती हमको ही ख़ासकर नहीं मिलती शायरी को नज़र नहीं मिलती मुझको तू ही अगर नहीं मिलती रूह में, दिल में, जिस्म में दुनि...

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व्यर्थ / काका हाथरसी व्यर्थ / काका हाथरसी

काका या संसार में, व्यर्थ भैंस अरु गाय । मिल्क पाउडर डालकर पी लिपटन की चाय ॥ पी लिपटन की चाय साहबी ठाठ बनाओ । सिंगल रोटी छोड़ डबल रोटी तुम ...

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चोरी की रपट / काका हाथरसी चोरी की रपट / काका हाथरसी

घूरे खाँ के घर हुई चोरी आधी रात । कपड़े-बर्तन ले गए छोड़े तवा-परात ॥ छोड़े तवा-परात, सुबह थाने को धाए । क्या-क्या चीज़ गई हैं सबके नाम लि...

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मैं कैसे अमरित बरसाऊँ / नागार्जुन मैं कैसे अमरित बरसाऊँ / नागार्जुन

बजरंगी हूँ नहीं कि निज उर चीर तुम्हें दरसाऊँ ! रस-वस का लवलेश नहीं है, नाहक ही क्यों तरसाऊँ ? सूख गया है हिया किसी को किस प्रकार सरसाऊँ ? त...

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सच न बोलना / नागार्जुन सच न बोलना / नागार्जुन

मलाबार के खेतिहरों को अन्न चाहिए खाने को, डंडपाणि को लठ्ठ चाहिए बिगड़ी बात बनाने को! जंगल में जाकर देखा, नहीं एक भी बांस दिखा! सभी कट गए ...

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कृष्ण की चेतावनी / रामधारी सिंह "दिनकर" कृष्ण की चेतावनी / रामधारी सिंह "दिनकर"

कृष्ण की चेतावनी वर्षों तक वन में घूम-घूम, बाधा-विघ्नों को चूम-चूम, सह धूप-घाम, पानी-पत्थर, पांडव आये कुछ और निखर। सौभाग्य न सब दि...

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मगर निठुर न तुम रुके मगर निठुर न तुम रुके

मगर निठुर न तुम रुके, मगर निठुर न तुम रुके! पुकारता रहा हृदय, पुकारते रहे नयन, पुकारती रही सुहाग दीप की किरन-किरन, निशा-दिशा, मिलन-विरह विद...

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मेरा नया बचपन - सुभद्रा कुमारी चौहान मेरा नया बचपन - सुभद्रा कुमारी चौहान

बार-बार आती है मुझको मधुर याद बचपन तेरी। गया ले गया तू जीवन की सबसे मस्त खुशी मेरी॥ चिंता-रहित खेलना-खाना वह फिरना निर्भय स्वच्छंद। कैसे भ...

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वह प्रदीप जो दीख रहा है झिलमिल दूर नहीं है. - रामधारी सिंह दिनकर वह प्रदीप जो दीख रहा है झिलमिल दूर नहीं है. - रामधारी सिंह दिनकर

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जाग तुझको दूर जाना!  - महादेवी वर्मा जाग तुझको दूर जाना! - महादेवी वर्मा

चिर सजग आँखें उनींदी आज कैसा व्यस्त बाना! जाग तुझको दूर जाना! अचल हिमगिरि के हॄदय में आज चाहे कम्प हो ले! या प्रलय के आँसुओं में मौन अलसित ...

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धूप-सा तन दीप सी मैं! - महादेवी वर्मा धूप-सा तन दीप सी मैं! - महादेवी वर्मा

उड़ रहा नित एक सौरभ-धूम-लेखा में बिखर तन, खो रहा निज को अथक आलोक-सांसों में पिघल मन अश्रु से गीला सृजन-पल, औ' विसर्जन पुलक-उज्ज्वल, आ...

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मधुर-मधुर मेरे दीपक जल! - महादेवी वर्मा मधुर-मधुर मेरे दीपक जल! - महादेवी वर्मा

मधुर मधुर मेरे दीपक जल! युग युग प्रतिदिन प्रतिक्षण प्रतिपल; प्रियतम का पथ आलोकित कर! सौरभ फैला विपुल धूप बन; मृदुल मोम-सा घुल रे मृदु त...

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कालिदास सच-सच बतलाना! कालिदास सच-सच बतलाना!

इंदुमती के मृत्यु -शोक से अज रोया या तुम रोए थे ? कालिदास, सच-सच बतलाना! शिवजी की तीसरी आँख से निकली हुई महाज्वाला में घृतमिश्रित सूखी सम...

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Subhadra Kumari Chauhan Subhadra Kumari Chauhan

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 स्वामी विवेकानंद / Swami Vivekananda Quotes स्वामी विवेकानंद / Swami Vivekananda Quotes

जिस तरह से विभिन्न स्त्रोतों से उत्पन्न धाराएँ अपना जल समुद्र में मिला देती हैं. उसी प्रकार मनुष्य द्वारा चुना हर मार्ग, चाहे अच्छा हो या...

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Tumko Toh Aana Hi Tha - Jai Ho : Songs Lyrics Tumko Toh Aana Hi Tha - Jai Ho : Songs Lyrics

Owo.. Tumko To Aana Hi Tha Zindegi Mein Der Hui Aane Mein Kyun Jeena Mujhe Hai Bas Tere Liye Jo Bhi Karun Its Only For You.. Because I Lo...

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